टाइप 1 डायबिटीज के नुकसान निम्नलिखित हो सकते हैं:
हार्ट और धमनी संबंधी समस्याएँ: अधिक ग्लूकोज शरीर में होने से हृदय और धमनी में कई समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे कि डायबिटिक कार्डियोपैथी (Diabetic Cardiopathy) और इसके नतीजे में हृदय अटैक या दिल की समस्याएँ।
न्यूरोपैथी: डायबिटीज के कारण न्यूरोपैथी (Neuropathy) हो सकती है, जिसमें नसों के अंतिम भाग में नुकसान होता है। यह निम्नलिखित क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है: पैरों, हाथों, पेट, पहलूओं, और नर्वस सिस्टम।
नेफ्रोपैथी: डायबिटीज से गुर्दे में क्षति हो सकती है, जो नेफ्रोपैथी (Nephropathy) कहलाती है। यह किडनी की समस्याओं में वृद्धि कर सकती है और अंततः किडनी की कार्यक्षमता कम कर सकती है।
रेटिनोपैथी: डायबिटीज के कारण आंखों के नसों में नुकसान हो सकता है, जिसे रेटिनोपैथी (Retinopathy) कहते हैं। यह आंखों की समस्याओं, जैसे कि दृष्टि की कमी और अंततः नेत्रहीनता तक ले जा सकता है।
