रायपुर : महिला स्वरोजगार और सुपोषण को बढ़ावा देने प्रदेश में एक और मिलेट कैफे का संचालन शुरू

Naya Bharti
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Raipur: Another Millet Cafe started operating in the state to promote women's self-employment and nutrition

मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया

मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने मिलेट केक काटकर बालोद में किया कैफे का शुभारंभ
रायपुर, 29 मार्च 2023

मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया

छत्तीसगढ़ में महिला स्वरोजगार, उद्यमिता सहित सुपोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स कैफे की शुरुआत की जा रही है। इसी कड़ी में बालोद जिला मुख्यालय में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने सोमवार को मिलेट केक काटकर मिलेट कैफे का शुभारंभ किया। उन्होंने मिलेट कैफे का संचालन कर रहीं महाकाल स्वसहायता समूह की महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्रीमती भेंड़िया सहित लोगों ने समूह की महिलाओं द्वारा कोदो, कुटकी एवं रागी से बनाए गए विभिन्न व्यंजनों व केक का स्वाद लिया और व्यंजनों के गुणवत्ता की प्रशंसा की। इस अवसर पर विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा, कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मिलेट्स को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधानसभा में सभी विधायकों को मिलेट्स से बने व्यंजन का भोज दिया था। छत्तीसगढ़ राज्य देश का पहला ऐसा राज्य है जो समर्थन मूल्य पर मिलेट्स की खरीदी कर रहा है। मिलेट्स के उत्पादन को मिल रहे प्रोत्साहन से किसानों का भी उत्साह बढ़ा है। श्री बघेल की पहल पर मिलेट्स के उपभोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में मिलेट कैफे का संचालन भी शुरू किया गया है। इन मिलेट्स कैफे को संचालन के लिए महिला समूहों को दिया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में जिला प्रशासन के सहयोग से मई 2022 में प्रदेश के पहले मिलेट्स कैफे की शुरूआत की गयी। इसका संचालन महिला समूह द्वारा किया जा रहा है। इसे खुलने के महज कुछ महीनों में ही यहां की मासिक आमदनी 3 लाख रूपये को पार कर गयी है। रायगढ़ के बाद कोरबा जिले में मिलेट्स कैफे का शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में बालोद में अब जिले के पहले मिलेट्स कैफे की शुरुआत की गई है। इस कैफे में पौष्टिकता से भरपूर मिलेट्स के व्यंजनों का स्वाद लोग ले सकेंगे। इस कैफे में कोदो, कुटकी, रागी तथा अन्य लघु धान्य फसलों से निर्मित विविध व्यंजन-इडली, दोसा, पोहा, उपमा, भजिया, खीर, हलवा, माल्ट, कुकीज आदि आम जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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